इस पुस्तक को देखकर पहला प्रश्न यही पैदा होगा कि बाज़ार में पहले से ही इस विषय पर ढेर सारी पुस्तकें उपलब्ध हैं तो फिर एक पुस्तक और क्यों। इस प्रश्न का उत्तर है कि यह पुस्तक विशेष रूप से उन शायरों के लिए लिखी गई है, जिन्हें ग़ज़ल से प्यार तो है पर वे हिंदी-भाषी हैं। वे उर्दू पढ़ना-लिखना नहीं जानते। जब वे ग़ज़ल के व्याकरण को देवनागरी में भी पढ़ते हैं तो वहाँ उर्दू के दो-चार भारी-भरकम शब्दों को देख कर ही उनके सर चकरा जाते हैं, वे निराश हो जाते हैं। इसके अलावा इस पुस्तक के लेखन में उन कठिनाइयों का भी हाथ है, जो मैंने स्वयं ग़ज़ल लेखन की प्रारंभिक अवस्था में झेली थी। मैंने पुस्तक में कोई नयी बात तो नहीं लिखी, सब वही है जो अन्य ने लिखी हैं क्योंकि मूल व्याकरण तो वही रहेगा, उसे कोई नहीं बदल सकता। बस अंतर इतना है कि मैंने हर विषय को यथासंभव सरल भाषा में लिखने का प्रयास किया है ताकि उसे समझने में कठिनाई न हो। ढेर सारे उदाहरणों के द्वारा विषय को और भी ग्राह्य बनाने का प्रयास किया गया है। कुछ बहुत ही ज़्यादा बारीकियों को जिनकी आमतौर पर आवश्यकता नहीं पड़ती, उन्हें जान-बूझकर छोड़ दिया है। आरंभ में ही ये बारीकियाँ पाठक को भ्रमित कर सकती हैं। वैसे भी समय के साथ वह स्वयं ही इन्हें समझने लगता है। मैं जब ग़ज़ल लिखना सीख रहा था, मुझे कोई उस्ताद न मिला। अतः मैंने पुस्तकें, ब्लॉग, लेख आदि जो भी ग़ज़ल लेखन से संबंधित मिला, वह पढ़ना शुरू कर दिया। एक ही जानकारी को कई स्रोतों पर देखकर जब मैं आश्वस्त हो जाता था कि वह सही है, तो मैं संक्षिप्त नोट्स बना लेता था। मुझे जब भी समस्या आती थी, मैं इन नोट्स को देख लेता और अधिकतर समाधान भी मिल जाता था। जहाँ नहीं मिलता था तो फिर और खोज-बीन करता था। पिछले दिनों मैंने देखा कि बहुत से नये शायर समस्याओं से जूझ रहे हैं। बहुतों को तो मैंने स्वयं समाधान सुझाए भी। परंतु इसमें कई बार शायर को अपनी आलोचना या सुझाव अच्छे नहीं लगते, शायद वह इसमें अपना अपमान महसूस करता है। वही बात जब वह किसी पुस्तक से पढ़कर सीखेगा तो वह अपनी ग़लती को सहज ही स्वीकार कर सही मार्ग पर बढ़ जाएगा। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने नोट्स को एक पुस्तक का रूप देने की सोची ताकि अन्य जन भी इससे लाभान्वित हो सकें। बस यही कहानी है इस पुस्तक के जन्म की जो आपके हाथ में है।
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Yes, it’s written in simple language and explains every poetic concept clearly, making it perfect for beginners and learners.
Yes, it features practical examples from classic and modern Hindi ghazals to illustrate poetic structures and emotions.